धामी के 5 साल बेमिसाल : थूक जिहाद पर सख्त गाइडलाइन लागू कर खाद्य सुरक्षा को किया मजबूत, जनता के स्वास्थ्य और विश्वास को दी प्राथमिकता

पांच वर्ष में राज्य सरकार द्वारा लिए गए प्रमुख निर्णय और किये गए प्रमुख कार्य
समान नागरिक संहिता
उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता को लागू किया। ये निर्णय समाज में समानता और न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इसका उद्देश्य सभी नागरिकों को जाति, धर्म और लिंग से परे समान अधिकार देना है। प्रदेश में 27 जनवरी को समान नागरिक संहिता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
सख्त भू-कानून
भूमि संरक्षण उत्तराखंड सरकार की प्राथमिकता रही है। बाहरी राज्यों के लोग अब हरिद्वार और ऊधमसिहं नगर को छोड़कर अन्य 11 जिलों में कृषि एवं बागवानी भूमि नहीं खरीद सकते। कोई भी बाहरी व्यक्ति सिर्फ एक बार, 250 वर्ग मीटर तक की आवासीय भूमि खरीद सकता है और वह भी नगर निकाय क्षेत्र से बाहर। इससे पहाड़ की भूमि की रक्षा होगी, स्थानीय लोगों को प्राथमिकता मिलेगी और भूमि माफियाओं पर रोक लगेगी।
नकल विरोधी काननू
उत्तराखंड ने देश का सबसे कठोर नकल विरोधी काननू लागू कर शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने का काम किया। परीक्षाएँ समय पर और ईमानदारी से सपंन्न हो रही हैं। साढ़े चार साल में लगभग 33,000 युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई, जो प्रदेश के लिए अभूतपूर्व उपलब्धि है।
धर्मांतरण विरोधी कानून
जबरन या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ कड़ा काननू बनाया गया। दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की कैद और कड़ी सजा का प्रावधान। समाज में धार्मिक सौहार्द और शांति कायम करने में मदद
दंगारोधी काननू
प्रदेश में शांति-व्यवस्था बनाए रखना और दंगाइयों को सख्ती से रोकना। दंगे के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई अब दंगाइयों से ही की जाएगी। इसके लिए क्लेम ट्रिब्यनलू का गठन कर दिया गया है।
लैंड जिहाद पर कार्यवाही
सरकार ने लैंड जिहाद के मामलों में सख्त कदम उठाए। अब तक 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया। देवभूमि उत्तराखंड में शांति, सौहार्द और कानून का राज कायम हुआ।
थूक जिहाद रोकथाम
खाद्य पदार्थों में थूक या गदंगी मिलाने जैसी अमानवीय घटनाओं पर रोक लगाने के लिए एफडीए ने गाइडलाइन जारी की है। दोषी पाए जाने पर उस पर 25,000 से 1,00,000 तक का जुर्माना और सख्त कार्रवाई। खाद्य सुरक्षा और आमजन का विश्वास मजबूत हुआ।
लव जिहाद पर रोक
उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम लागू किया गया। दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और 50,000 से 1,00,000 तक का अर्थदंड। भोली-भाली युवतियों को छल-कपट से बचाने की दिशा में ठोस कदम।
ऑपरेशन कालनेमि
सनातन धर्म के नाम पर वेश बदलकर लोगों को ठगने वाले ढोंगियों और विधर्मियों पर कार्रवाई। प्रदेशभर में अब तक लगभग 7 हजार कालनेमियों पर कार्रवाई करने के साथ ही 724 पर मुकदमें और 511 गिरफ्तारियां की जा चुकी है। इसके साथ ही पहचान छिपा कर प्रदेश में रह रहे 19 बांग्लादेशियों को भी गिरफ्तार किया गया, जिसमें से 10 को डिपोर्ट और शेष पर कार्रवाई जारी है।
मदरसा बोर्ड समाप्त
प्रदेश में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को समाप्त किया गया है। इसके अतंर्गत राज्य में 1 जुलाई 2026 के पश्चात वो सभी मदरसें बदं कर दिए गए हैं, जिनमें सरकारी पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाया जा रहा था।
प्रमुख कार्य
सड़क परियोजनाएँ
चारधाम ऑलवेदर रोड से केदारनाथ, बद्रीनाथ, गगोत्री और यमुनोत्री तक सुरक्षित एवं मजबूत
सड़कें।
टनकपुर-पिथौरागढ़ मार्ग की कनेक्टिविटी की गई सुदृढ़।
दिल्ली-देहरादून एलिवेटडे एक्सप्रेसवे का कार्य अंतिम चरण में, अब सफर केवल 2 से ढाई घंटे में होगा पूरा।
सितारगंज-टनकपुर मार्ग को चार लेन बनाने की प्रक्रिया शुरू।
एन.एच. 72 (पांवटा साहिब-बल्लूपुर, देहरादून) का फोर लेन निर्माण।
हल्द्वानी-दिल्ली और काशीपुर-रामनगर मार्ग चौड़ीकरण कार्य प्रगति पर।
लाखामंडल परिक्षेत्र की विभिन्न 16 सूत्रीय मांगों का परीक्षण कर कार्यवाही की जाएगी।
रोपवे परियोजनाएँ
पर्वतमाला परियोजना के अंतर्गत प्रमुख धार्मिक स्थलों को रोपवे नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।
गौरीकुंड-केदारनाथ (4000 करोड़ रूपए) और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब (2700 करोड़ रूपए)
परियोजनाएँ स्वीकृत।
माँ सुरकंडा देवी रोपवे का संचालन प्रारम्भ ।
रानीबाग-नैनीताल, पचंकोटि-नई टिहरी, खलियाटॉप-मुनस्यारी, ऋषिकश-नीलकंठ,
औली-गौरसों परियोजनाएँ प्रगति पर।
माँ पूर्णागिरि मंदिर रोपवे का निर्माण कार्य जारी।
हरकी पौडी-चंडी देवी मंदिर रोपवे की योजना तैयार।
रेल परियोजनाएँ
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना (125 किमी, 16,216 करोड़) पर तेज़ी से कार्य।
हरिद्वार-देहरादून रेललाइन का दोहरीकरण स्वीकृत।
टनकपुर-बागेश्वर एवं गंगोत्री रेल लाइन का सर्वे पूरा।
अमृत भारत स्टेशन योजना के अतंर्गत 8 स्टेशनों का किया जा रहा जीर्णोद्धार।
एयर कनेक्टिविटी
जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अतरं राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया जा रहा विकसित, नया टर्मिनल तैयार, रनवे विस्तार की योजना पर किया जा रहा कार्य।
पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने हेतु सर्वे पूरा।
ऊधमसिंहनगर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की योजना पर किया जा रहा कार्य।
उत्तराखण्ड उड़ान योजना के अंतर्गत हेली सेवा शुरू करने वाला पहला राज्य।
12 नगर हेली सेवाओं से जुड़े, 18 हेलीपोर्ट्स में से 12 पर संचालन शुरू।
शिक्षा
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने वाला पहला राज्य।
500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम व केंद्रीय स्टूडियो।
नंदा गौरा योजना-12वीं उत्तीर्ण छात्राओं को 51,000 की सहायता। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट स्तर पर 100-100 विद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएँ।
सभी सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी पाठ्य पुस्तकें अनिवार्य।
प्रदेश में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय प्रारम्भ ।
मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना अनाथ बच्चों की निःशुल्क शिक्षा।
दिव्यांग बच्चों हेतु पुरकुल (देहरादून) में 3000 वर्ग मीटर भूमि आवंटित ।
महिला सशक्तिकरण
महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रूपए तक ब्याजमुक्त ऋण।
43,000 समूहों और 159 क्लस्टर फेडरेशनों को सहयोग।
24 ग्रोथ सेंटर, 33 पैकेजिंग यूनिट और 17 सरस सेंटर स्थापित ।
मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव में 7 करोड़ रूपए का व्यापार।
हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड से उत्पाद वैश्विक बाजार तक।
“लखपति दीदी योजना” से 2.65 लाख महिलाएँ सशक्त ।
“ड्रोन दीदी योजना” प्रथम चरण में 52 बालिकाओं को दिया जा रहा प्रशिक्षण।
“मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना” और “नंदा गौरा योजना” से लाखों बालिकाएँ लाभान्वित ।
अन्नदाता किसान कल्याण
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से 9 लाख किसान लाभान्वित ।
किसानों को 3 लाख रूपए तक ब्याजमुक्त ऋण।
फार्म मशीनरी बैंक योजना में 80 प्रतिशत सब्सिडी ।
गौ-सदनों के लिए बजट में 6 गुना वृद्धि।
5000 से अधिक जैविक क्लस्टर स्थापित ।
एरोमा वैलीज़ और सुगंध फसलों का विस्तार।
धार्मिक कॉरिडोर
केदारखड कॉरिडोर का विकास।
कुमाऊँ क्षेत्र में मानसखडं कॉरिडोर निर्माण।
हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर की प्रक्रिया गतिमान ।
शारदा कॉरिडोर के तहत विकास कार्य प्रारंभ।
लाखामंडल मंदिरों के समूह हेतु बनाया जाएगा मास्टर प्लान।
राज्य में पहली बात शीतकालीन यात्रा का हुआ शुभारंभ।
कुमाऊं क्षेत्र में मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अन्तर्गत 48 मन्दिरों तथा गुरुद्वारो को सर्किट के रूप में जोड़ने का कार्य गतिमान।
केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत कार्य गतिमान ।
बद्रीनाथ धाम को स्मार्ट अध्यात्मिक पहाडी कस्बे के रूप में विकसित करने हेतु रू0 255.00
करोड़ की विकास योजनाओं का कार्य गतिमान है।
हरिपुर कालसी में यमुना तीर्थ स्थल का निर्माण कार्य प्रगति पर।
महासू मन्दिर, हनोल के मास्टर प्लान को दी गई मंजूरी।







