₹25 लाख की सहायता, पिता-भाई को नौकरी, अंकिता के नाम पर नर्सिंग कॉलेज—धामी ने गिनाए सरकार के फैसले

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₹25 लाख की सहायता, पिता-भाई को नौकरी, अंकिता के नाम पर नर्सिंग कॉलेज—धामी ने गिनाए सरकार के फैसले

 

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर विकास कार्यों में सहयोग करने के बजाय अफवाह फैलाने, संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने और जनता को गुमराह करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कांग्रेस की राजनीति का यह कौन-सा तरीका है, जिसमें न्याय जैसे गंभीर विषय को राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाया जा रहा है?

 

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि देवभूमि की बेटी स्व. अंकिता भंडारी को न्याय मिलना सरकार के लिए सर्वोपरि रहा है। घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया। जांच के दौरान डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्य जुटाए गए तथा 88 दिनों में जांच पूरी कर लगभग 500 पृष्ठों का आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। प्रभावी अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया के बाद 30 मई 2025 को तीनों दोषियों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।

 

सिर्फ कार्रवाई नहीं, पीड़ित परिवार को आर्थिक और सामाजिक संबल भी

 

अंकिता के माता-पिता को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके अतिरिक्त अंकिता के पिता और भाई को नौकरी का प्रदान की गई। सरकार ने पौड़ी जिले के डोभ (श्रीकोट) स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज का नाम बदलकर ‘स्वर्गीय अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज’ करने का निर्णय लिया, जिसके संबंध में जनवरी 2026 में शासनादेश जारी किया गया।

 

 

‘बिना सबूत आरोप लगाकर प्रदेश को बदनाम करना क्या ठीक है?’

 

मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि किसी भी संवेदनशील मामले को राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाना क्या उचित है? उन्होंने आरोप लगाया कि बिना तथ्यों और सबूतों के प्रदेश को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास का उल्लेख करते हुए तंदूर कांड का भी जिक्र किया और विपक्ष से अपने अतीत तथा राजनीतिक आचरण पर आत्ममंथन करने को कहा।

 

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अंकिता प्रकरण में न्याय की प्रक्रिया और पीड़ित परिवार की भावनाएं महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उनका सवाल था कि कांग्रेस को जनता के सामने तथ्य रखने चाहिए या फिर लगातार राजनीतिक आरोप लगाकर भ्रम फैलाना चाहिए?

 

‘जनता को भ्रम नहीं, स्पष्टता चाहिए; आरोप नहीं, समाधान चाहिए’

 

सीएम धामी ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि उसे सरकार की हर पहल में कमी दिखाई देती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जैसी नजरें होती हैं, वैसे नजारे दिखते हैं।” मुख्यमंत्री ने नजरिया बदलने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि विपक्ष की सोच और देखने का नजरिया ही नहीं बदल रहा है।

 

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता को भ्रम नहीं, स्पष्टता चाहिए; आरोप नहीं, समाधान चाहिए और खोखले वादे नहीं, बल्कि धरातल पर परिणाम चाहिए। सरकार ने जो कहा है, उसे जमीन पर उतारने का प्रयास किया है और आगे भी जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लगातार काम करती रहेगी।

 

कांग्रेस पर हमला, विकास को बताया सरकार का जवाब

 

मुख्यमंत्री धामी ने अपने बयान के अंत में कहा कि विपक्ष भ्रम फैलाता रहेगा, लेकिन सरकार विकास की इमारत खड़ी करती रहेगी। विपक्ष आरोप लगाता रहेगा, लेकिन सरकार जनता का विश्वास मजबूत करने और जन आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए काम करती रहेगी।

 

मुख्यमंत्री का संदेश साफ है—अंकिता भंडारी प्रकरण में सरकार अपनी कार्रवाई, न्यायिक प्रक्रिया, परिवार को दी गई सहायता और लिए गए निर्णयों को अपना पक्ष मानती है। कांग्रेस के आरोपों का जवाब सरकार अपनी योजनाओं, फैसलों और जनता को मिल रहे लाभ से देगी।

 

सीएम धामी का कांग्रेस को सीधा संदेश—‘वे भ्रम फैलाते रहेंगे, हम विकास की इमारत खड़ी करते रहेंगे और जनता का जनविश्वास मजबूत करते रहेंगे।’

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