फर्जी निवास प्रमाण पत्र रैकेट पर सरकार का शिकंजा, चार जिलों में जांच तेज

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फर्जी निवास प्रमाण पत्र रैकेट पर सरकार का शिकंजा, चार जिलों में जांच तेज

 

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने फर्जी स्थाई निवास प्रमाण पत्रों के रैकेट पर सख्ती बरतते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। हल्द्वानी में छापेमारी से एक गिरोह पकड़ा गया, डेमोग्राफी चेंज रोकने के लिए जांच तेज।
देहरादूनः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसेवा केंद्रों के जरिए बन रहे फर्जी प्रमाण पत्रों की खबरों का संज्ञान लेते हुए कड़े निर्देश जारी किए है। सीएम धामी ने कहा है कि फर्जी दस्तावेज बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाए।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार, नैनीताल, उधम सिंह नगर और देहरादून जिले में इस तरह के मामले संज्ञान में आने पर प्रशासन से कड़ा रुख अपनाने के लिए गृह सचिव शैलेश बगौली को निर्देश दिए है।
नैनीताल जिले के हल्द्वानी बनभूलपुरा क्षेत्र में बीती शाम कुमायूं आयुक्त ने छापा मार कर एक जनसेवा केंद्र से फर्जी स्थाई निवास प्रमाण पत्र बनाने का मामला रंगे हाथ पकड़ा था इसमें फैजान नाम के जनसेवा केंद्र संचालक की भूमिका को सही पाया गया जिसके खिलाफ पुलिस में तहसीलदार की तरफ से तहरीर भी दी गई है।

इस प्रकरण में डीएम नैनीताल ललित मोहन रयाल ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए उक्त जनसेवा केंद्र और अर्जिनविस द्वारा बनाए गए पिछले सभी दस्तावेजों की जांच पड़ताल करने के निर्देश हल्द्वानी एसडीएम को दे दिए हैं। डीएम श्री रयाल के अनुसार बनभूलपुरा क्षेत्र के अलावा अन्य सभी जनसेवा केंद्रों की भी जांच पड़ताल की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में डेमोग्राफी चेंज की समस्या सामने आई है। यूपी के मुस्लिम यहां के जनसेवा केंद्रों के रैकेट के जरिए स्थाई निवास प्रमाण पत्र बनवा रहे है। ऐसे मामले उधम सिंह नगर और हरिद्वार जिले में पहले आ चुके हैं जबकि देहरादून में परिवार रजिस्टरों के जरिए दस्तावेजों में हेर फेर करके निवासी प्रमाण पत्र बनाए जाने के मामले प्रकाश में आये हैं। जिस पर अब धामी सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है।

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