कर्मचारियों और श्रमिकों के उत्पीड़न के खिलाफ बोले हरीश रावत- त्रिवेंद्र सरकार के शब्दकोष में मजदूर शब्द नहीं

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हरिद्वारः उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत शनिवार को हरिद्वार दौरे पर रहे… हरीश रावत कार्यकर्ताओं के साथ गार्डेनिया होटल चौक पर पहुंचे। यहां से उन्होंने सिडकुल में कर्मचारियों के उत्पीड़न और युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर परिक्रमा शुरू की। परिक्रमा गार्डेनिया होटल चौक से शुरू होकर पेट्रोल पंप के बराबर वाली रोड से दवा चौक, हीरो चौक, आईटीसी होते हुए गार्डेनिया चौक पर ही खत्म हुई।

 

इस दौरान हरीश रावत ने बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकार को जमकर घेरा। हरीश रावत ने कहा कि बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकारों के शब्दकोष में मजदूर शब्द ही नहीं है। यह पूंजीपतियों की पैरोकार सरकार है। यही कारण है कि आज तमाम औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और श्रमिकों का उत्पीड़न किया जा रहा है।

 

हरीश रावत ने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार ने श्रम कानूनों में बदलाव करके उद्यमियों को उत्पीड़न करने की खुली छूट दे दी है। सिडकुल हरिद्वार में 70% ऐसी औद्योगिक इकाइयां हैं, जहां 300 से कम कर्मचारी काम करते हैं। नए श्रम कानून में ऐसे उद्यमी बिना किसी नोटिस के कर्मचारियों को नौकरी से निकाल सकते हैं। प्रदेश में आज लाखों युवा बेरोजगार हैं। सरकार के पास इनको रोजगार देने की कोई योजना नहीं है।

 

पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान औद्योगिक इकाइयों में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की गई। इनकी जगह नए कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई। जो लोग काम करते हैं, कोरोना के नाम पर उनका वेतन कम कर दिया और काम के घंटे बढ़ा दिए।

 

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