श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज जी ने दिया आशीर्वाद, SGRRU के गोल्डन बॉय हर्ष का ग्लासगो मिशन शुरू

शिक्षा के साथ खेल प्रतिभाओं को भी वैश्विक मंच देने की दिशा में श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय लगातार अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। विश्वविद्यालय के कराटे चैंपियन हर्ष व्यास अब स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होने वाली कॉमनवेल्थ प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं। यह उपलब्धि न केवल हर्ष के लिए, बल्कि श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय और पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का क्षण है।
ग्लासगो रवाना होने से पहले हर्ष ने श्री दरबार साहिब में मत्था टेका और दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के पूजनीय श्रीमहंत एवं श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज जी ने हर्ष को आशीर्वाद देते हुए आगामी प्रतियोगिता में सफलता और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के मार्गदर्शन में श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध के साथ खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य प्रतिभाशाली युवाओं को ऐसा वातावरण और अवसर उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखारकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय, उत्तराखंड और देश का नाम रोशन कर सकें।
हर्ष व्यास पहले ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। वर्ष 2024 में डर्बन, साउथ अफ्रीका में आयोजित कॉमनवेल्थ प्रतियोगिता के सीनियर कुमिते वर्ग में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया था। इसके बाद भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनका शानदार प्रदर्शन जारी रहा।
अब नवंबर में स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होने वाली कॉमनवेल्थ प्रतियोगिता में हर्ष भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके लिए वह स्पीड, तकनीक, फिटनेस, रणनीति और मैच प्रैक्टिस पर लगातार मेहनत कर रहे हैं।
हर्ष का कहना है कि श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज का आशीर्वाद और विश्वविद्यालय का सहयोग उनके लिए बड़ी प्रेरणा है। उनका लक्ष्य ग्लासगो के मैट पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए देश के लिए पदक जीतना है।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय की धरती से निकली यह खेल प्रतिभा अब ग्लासगो में भारत का तिरंगा ऊंचा करने के संकल्प के साथ तैयार है। डर्बन में स्वर्ण जीत चुके हर्ष की नजर अब ग्लासगो के पदक पर है।







